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Monday, 27 June 2011

जब भी संकट आवे स

शादी के दस साल बाद पत्नी ने फरमाया
सुनो जी सुहागरात ने जद थमने मेरा घुंघट उठाया
तो किसा अक आनंद आया
सुन पत्नी की बकवास ' पति ने खिंची लम्बी साँस
अर बोल्या 'उस दिन ...उस दिन तो भगवान् मैं मारया जाता
तन्ने देख के अगर हनुमान चालीसा नही गुनगुनाता '
क्यू के या बात सारेऐ तो बतावे स
अक आदमी पे जब भी संकट आवे स तो वो
हनुमान चालीसा ऐ तो गुन्गुनावे स.

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