आप सभी का मेरी blogs पर स्वागत है,, प्लीज़ अपनी नजरे इनायत करके जरुर बताएं की मैं दिल की बात कहने में कहाँ तक सफल हुआ हूँ..| http://bechainkigazleblogspotcom.blogspot.com/2011/09/blog-post_17.html http://bechainkesher.blogspot.com/ http://vmbechain.blogspot.com/?zx=40fa6e9f43ea7230 http://bechainartical.blogspot.com/http://www.youtube.com/my_videos?ls=public
khas log
Friday, 18 January 2013
Wednesday, 16 January 2013
एक टुकड़ी आशिको की भेजो पकिस्तान में
नफरत का जवाब दयो प्यार की जुबान में
एक टुकड़ी आशिको की भेजो पकिस्तान में
ग्रह युद्ध छिडवा दयो कुछ न समझ सके कोई
थम ऐसी फूंक मारो उनकी बेगमा के कान में
थोड़ी राजनीती की ऐसी तैसी होरी सै वरना
कोए फर्क नही सै भाइयों हिन्दू मुसलमान में
पाप करणीये नै मारना पाप नही कहलावे सै
साफ़-साफ़ लिख्या सै गीता अर कुरआन में
मामला दिल का हो या देश का हमेशा तै बेचैन
ऊपर पड्या थुक्या जिसने मुह करके आसमान में
एक टुकड़ी आशिको की भेजो पकिस्तान में
ग्रह युद्ध छिडवा दयो कुछ न समझ सके कोई
थम ऐसी फूंक मारो उनकी बेगमा के कान में
थोड़ी राजनीती की ऐसी तैसी होरी सै वरना
कोए फर्क नही सै भाइयों हिन्दू मुसलमान में
पाप करणीये नै मारना पाप नही कहलावे सै
साफ़-साफ़ लिख्या सै गीता अर कुरआन में
मामला दिल का हो या देश का हमेशा तै बेचैन
ऊपर पड्या थुक्या जिसने मुह करके आसमान में
Saturday, 22 December 2012
न्यू बता दे कोण सी चक्की का तू आटा खावे सै
इस उमर में भी अदाओ की बिजली गिरावे सै
साचम साच बता बैरण तू आखिर के चाहवे सै
बाकि तो अंदाजा मैं अपणे आप ए लगा ल्यूँगा
न्यू बता दे कोण सी चक्की का तू आटा खावे सै
तैने देख के छोरे ए नही छोरी भी पूछे सै
जवान दिक्खण का तू कोण सा फार्मूला अपनावे सै
देख गाम के विकास की चर्चा तो तेल लेवण गई
बूढ़े भी चौपाल में तेरा ए जिक्र उठावे सै
थोड़ा ढंग तै चाल्या कर सजधज के बालका की ताई
क्यूं बेचैन बरग्या की तू खाट खड़ी करवावे सै
साचम साच बता बैरण तू आखिर के चाहवे सै
बाकि तो अंदाजा मैं अपणे आप ए लगा ल्यूँगा
न्यू बता दे कोण सी चक्की का तू आटा खावे सै
तैने देख के छोरे ए नही छोरी भी पूछे सै
जवान दिक्खण का तू कोण सा फार्मूला अपनावे सै
देख गाम के विकास की चर्चा तो तेल लेवण गई
बूढ़े भी चौपाल में तेरा ए जिक्र उठावे सै
थोड़ा ढंग तै चाल्या कर सजधज के बालका की ताई
क्यूं बेचैन बरग्या की तू खाट खड़ी करवावे सै
Saturday, 8 December 2012
बंद कर दी सै तेरी फाइल तू ऐसी तैसी करवा
ल्यों हमनै बदल लिया स्टाइल तू ऐसी तैसी करवा
बंद कर दी सै तेरी फाइल तू ऐसी तैसी करवा
तैने हर वक्त ऑनलाइन कोए और ए दिक्खेगा
ले आया सिम्पल सा मोबाइल तू ऐसी तैसी करवा
किसे का भी बंधन नही इब रहूँगा मालिक मर्जी का
मैं दयूंगा हरेक नै स्माइल तू ऐसी तैसी करवा
अपना प्यार ढूंढण आई तो फिसल के पड ज्यागी
बिछवा दी सै दिल पै टाइल तू ऐसी तैसी करवा
शक्ल के साथ अक्ल भी बेचैन चकाचक करली सै
बेशक देख मेरा प्रोफाइल तू ऐसी तैसी करवा
Sunday, 28 October 2012
नही करणा मैने प्यार तू अपणी याता करा
नही करणा मैने प्यार तू अपणी याता करा
मैं क्यूं करू इंतजार तू अपणी याता करा
जद भी जी करे सै मुह नै फुलाके बैठ ज्या सै
करे ना फालतू तकरार तू अपणी याता करा
जरा जरा सी बात पै तेरी हवा लिकड ज्या सै
ओये पुन्झड के दिलदार तू अपणी याता करा
मैंने भी आवे सै गुस्सा मैं चिल्लाणा जाणु सूं
ना खावे इतणी खार तू अपणी याता करा
आदत अपणी बेचैन जीते जी ना बदलेगी
हम सा यारा के यार तू अपणी याता करा
मैं क्यूं करू इंतजार तू अपणी याता करा
जद भी जी करे सै मुह नै फुलाके बैठ ज्या सै
करे ना फालतू तकरार तू अपणी याता करा
जरा जरा सी बात पै तेरी हवा लिकड ज्या सै
ओये पुन्झड के दिलदार तू अपणी याता करा
मैंने भी आवे सै गुस्सा मैं चिल्लाणा जाणु सूं
ना खावे इतणी खार तू अपणी याता करा
आदत अपणी बेचैन जीते जी ना बदलेगी
हम सा यारा के यार तू अपणी याता करा
Monday, 1 October 2012
छोड्गी क्यूं मैंने मेरी जान मझधार में
रोऊ सूं पड्या मैं एकला सोच विचार में
छोड्गी क्यूं मैंने मेरी जान मझधार में
के था कसूर मेरा बोल के नही गई
गाँठ नाराजगी की खोल के नही गई
हाय के करूं मेरा दम घुटता जा रह्या सै
मैं ए जाणु सूं सांस क्यूकर आ रह्या सै
कोन्या सै जीवण का इब मन संसार में ........
छोड्गी क्यूं मैंने .....................
नाम नये उसके रोज धरया करता
कदे लाडली कदे लाडो कह्य करता
हौसला बढ़े था वो जद मुस्कुरावे थी
रग रग में लहू बनके दौड़ लगावे थी
बेरा ना के होया सै चाणचक प्यार में
छोड्गी क्यूं मैंने .....................
बजगे सै बारा मेरी दोस्तों शक्ल में
ढूंढ़ रह्या सूं उसने दर्द की गजल में
इसा लागे सै वा जणू इब्बे आवेगी
सर मेरा ठाके गोद में धरावेगी
सांस चाल री सै इस्से एतबार में
छोड्गी क्यूं मैंने .....................
वक्त तेरा नाश जावे तैने खूब करी
गलतफहमी में भर दी मेरी चाँदपरी
सामण की ज्यूं बरसै सै आँख सवेर तै
मैं नही पाउँगा गर सुध लेई देर तै
आत्मा बेचैन सै उसके इंतजार में
छोड्गी क्यूं मैंने .....................
Wednesday, 4 July 2012
देख लिए मेरे घर के तू एक दिन चक्कर काटेगी
जा कौण सी बिन तेरे ,माहरी भैंस दूध नै नाटेगी
तू पीछा छोड़ देवेगी तो माँ मेरी प्रसाद बाटेंगी
मेरे बरगा शरीफ गाबरू तैंने कही भी ना मिलेगा
देख लिए मेरे घर के तू एक दिन चक्कर काटेगी
तैने नही उस घड़ी नै रोऊ सूं, जद इकरार होया
ना मालूम था छाती मेरी न्यू बीच में तै पाटेगी
बेबसी की धरती पे एक दिन पानी फूटके निकलेगा
बता कितने दिन तू आंसुआ नै निकलन तै डाटेगी
सबने बेचैन ना लगाइए इस रंग बदलती दुनिया में
जा मैं देखूँगा किसकी धडकन तेरे तलवे चाटेगी
Sunday, 20 May 2012
तेरे पै एक हाथ तै ताली बजाण दोष सै
मैं अकेला बता क्यूकर कसूरवार होया
ऐसी तैसी दोनों की हुई तो प्यार होया
तेरे ना यकीन आवे तो के ज्यान दे दूं
तेरी जुदाई में मेरे कितणा बुखार होया
वो नींदा में भी कुछ कुछ बड़बड़ावे सै
चालू अर झूठा जिसका दिलदार होया
मैंने तो सपने में भी हवालात दिखे सै
तेरा बाप जिस दिन तै थानेदार होया
ब्याह के बाद भी हाथ पैर चलाणे पड़ेंगे
कोर्ट मैरिज होगी तो ना सोच पार होया
कोए देख ना ले मैंने आंख्या में बस्या
शायद तू आजकल न्यू चश्मेदार होया
तेरे पै एक हाथ तै ताली बजाण दोष सै
जद ए बेचैन तू बेरुखी का शिकार होया
ऐसी तैसी दोनों की हुई तो प्यार होया
तेरे ना यकीन आवे तो के ज्यान दे दूं
तेरी जुदाई में मेरे कितणा बुखार होया
वो नींदा में भी कुछ कुछ बड़बड़ावे सै
चालू अर झूठा जिसका दिलदार होया
मैंने तो सपने में भी हवालात दिखे सै
तेरा बाप जिस दिन तै थानेदार होया
ब्याह के बाद भी हाथ पैर चलाणे पड़ेंगे
कोर्ट मैरिज होगी तो ना सोच पार होया
कोए देख ना ले मैंने आंख्या में बस्या
शायद तू आजकल न्यू चश्मेदार होया
तेरे पै एक हाथ तै ताली बजाण दोष सै
जद ए बेचैन तू बेरुखी का शिकार होया
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