आप सभी का मेरी blogs पर स्वागत है,, प्लीज़ अपनी नजरे इनायत करके जरुर बताएं की मैं दिल की बात कहने में कहाँ तक सफल हुआ हूँ..| http://bechainkigazleblogspotcom.blogspot.com/2011/09/blog-post_17.html http://bechainkesher.blogspot.com/ http://vmbechain.blogspot.com/?zx=40fa6e9f43ea7230 http://bechainartical.blogspot.com/http://www.youtube.com/my_videos?ls=public
khas log
Saturday, 24 September 2011
Wednesday, 21 September 2011
Sunday, 18 September 2011
दोस्तों या वा कविता स जो कोलेज के दिना में लिखी थी अर आज भी जद देखू सू तो मैंने आशिक की दिलेरी पै हैरानी होवे स अक महबूब त तारे तोडके ल्यावन की बात कहन त आछ्या स या कविता सुना दो | एकदम जमीनी बात - आप सब के लिए
तेरे प्यार में खागड गैल टकराके दिखा दयूं मैं
जिस गली में ज्यादा कुते हो जाके दिखा दयूं मैं
जो भी कीमत मांगेगी. एक मिनट में दे दयूंगा
नही किसे न कहवे तो गोबर खाके दिखा दयूं मैं
थोडा बहुत मैं जैंटलमैन सूँ, निरा मोलड कोन्या
कहवे तो घर त कोट पैंट नया ल्याके दिखा दयूं मैं
झूठमूठ का कोन्या थारा, असली रिश्तेदार सूँ
कर ब्याह तेरे भाई प जीजा कुहाके दिखा दयूं मैं
खाण-पीण की शर्त इश्क में ना लावे तू श्याणी
आधा किलो हरी मिर्च भी खाके दिखा दयूं मैं
सिवा रागनी के यारां न नही आवे स कुछ भी
पर तेरे खातर तुना तुना गाके दिखा दयूं मैं
कर बेचैन महोब्बत में विश्वास मेरी बातां का
भुन्ड़े त भुन्ड़े जोहड़ में नहाके दिखा दयूं मैं
Tuesday, 13 September 2011
जुदाई के बाद तडफावेंगे,मुलाकात के ये दिन
बहुत घणे याद आवेंगे मुलाकात के ये दिन
दिल में घा कर जावेंगे मुलाकात के ये दिन
यार प्यार महबूब, सारे ए तो कट्ठे होरे स
किसने नही सुहावेंगे,मुलाकात के ये दिन
गाम राम का बेरा नही, प्यार करणिया न
जुदाई के बाद तडफावेंगे,मुलाकात के ये दिन
आज सबके मन में योहे डर बैठ रह्या स
फेर कद दर्श दिखावेंगे मुलाकात के ये दिन
इतनी गहराई त महबूब न महसूस ना कर
धडकना में समा जावेंगे मुलाकात के ये दिन
मेरे पहल्यां ए जंचे थी बेचैन हो जावांगे
मन का चैन उड़ावेंगे मुलाकात के ये दिन
Thursday, 8 September 2011
दुश्मन मैंने आजकाल कम पूछे स
रोजाना नये बाहने त गम पूछे स
मेरे में रहग्या कितना दम पूछे स
सब के सब दोस्त तो नही बनगे स
दुश्मन मैंने आजकाल कम पूछे स
के मेरे त भी ज्यादा उलझ रह्य स
महबूब की जुल्फां का खम पूछे स
तकदीर प यकीन राखेगा कद तक
हाथां की लकीरां का भ्रम पूछे स
कितणा सफर और रहग्या बेचैन
थके- हारे से मेरे त कदम पूछे स
खम= उलझन
मेरे में रहग्या कितना दम पूछे स
सब के सब दोस्त तो नही बनगे स
दुश्मन मैंने आजकाल कम पूछे स
के मेरे त भी ज्यादा उलझ रह्य स
महबूब की जुल्फां का खम पूछे स
तकदीर प यकीन राखेगा कद तक
हाथां की लकीरां का भ्रम पूछे स
कितणा सफर और रहग्या बेचैन
थके- हारे से मेरे त कदम पूछे स
खम= उलझन
Saturday, 3 September 2011
घोड़ी चढ़ रहा था तो उस वक्त क्या तेरा गला बैठ गया गया था,,,,,,,,,,
एक भाई दूसर शहर में जाने के लिए रेलवे स्टेशन गया वो जैसे ही रेल में बैठने लगा एक आवाज़ आई इसमें मत बैठो इसके साथ आगे चलकर हादसा होगा,,वो बेचारा उतर कर वापिस घर आ गया, दुसरे दिन बस स्टैंड पर गया और वहां भी जब बैठने लगा तो आवाज आई यहाँ बी मत बैठो हादसा होगा,, वो फिर वापिस आ गया, तीसरे दिन जब वो हवाई जहाज़ पर बैठने लगा तो फिर आवाज़ आई,, उसने झूँझलाकर पूछा आप कौन हो जो बार बार टोकते हो,, तो आवाज़ आई मैं भगवान हूँ,, इस पर उस आदमी ने कहा ऐसा ही भगवान है तो जब मैं शादी के लिए घोड़ी चढ़ रहा था तो उस वक्त क्या तेरा गला बैठ गया गया था,,,,,,,,,,तू क्यों नही चिल्लाया ,,,,,,,
Thursday, 1 September 2011
घर बसाणा स तो काम करया कर
ख्याली पुलाव त कुछ कोन्य होवे
बेकार तनाव त कुछ कोन्य होवे
दरिया पार जाना स तो तैरके जा
कागज़ की नाव त कुछ कोन्य होवे
घर बसाणा स तो काम करया कर
जुल्फां की छाव त कुछ कोन्या होवे
कल्याण तो देश का हिंदी ए करेगी
अंग्रेजी कांव-कांव त कुछ कोन्या होवे
हर जगह छारे स माहरे गाबरू बेचैन
कौन कहवे स गांव त कुछ कोन्या होवे
Wednesday, 31 August 2011
काहे की सीता राम की जोड़ी
मैंने दोस्त से कहा यार आपकी और भाभी जी की तो सीता राम की जोड़ी है, तो दोस्त ने चिढ कर कहा काहे की सीता राम की जोड़ी बेचैन जी,,, ना तो आपकी भाभी को कोई रावण उठाता और ना कही धरती फटती,,,,,,,,,,???
इससे अच्छा है मैं ही रांड हो जाऊ,,,,
सुबह उठते ही मैंने पत्नी से कहा रात मैंने एक सपना देखा,, जिसमे तुम्हारी बीमारी के कारण मौत हो गई और मैं रंडवा हो गया,, सुनकर पत्नी ने कहा कम से कम आज ईद का दिन है,, आज तो शुभ शुभ बोलो.. भगवान तुझे रंडवा क्यों करे,,, इससे अच्छा है मैं ही रांड हो जाऊ,,,,
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