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Wednesday, 16 January 2013

एक टुकड़ी आशिको की भेजो पकिस्तान में

नफरत का जवाब दयो प्यार की जुबान में
एक टुकड़ी आशिको की भेजो पकिस्तान में

ग्रह युद्ध छिडवा दयो कुछ न समझ सके कोई
थम ऐसी फूंक मारो उनकी बेगमा के कान में

थोड़ी राजनीती की ऐसी तैसी होरी सै वरना
कोए फर्क नही सै भाइयों हिन्दू मुसलमान में

पाप करणीये नै मारना पाप नही कहलावे सै
साफ़-साफ़ लिख्या सै गीता अर कुरआन में

मामला दिल का हो या देश का हमेशा तै बेचैन
ऊपर पड्या थुक्या जिसने मुह करके आसमान में

Saturday, 22 December 2012

न्यू बता दे कोण सी चक्की का तू आटा खावे सै

इस उमर में भी अदाओ की बिजली गिरावे सै
साचम साच बता बैरण तू आखिर के चाहवे सै

बाकि तो अंदाजा मैं अपणे आप ए लगा ल्यूँगा
न्यू बता दे कोण सी चक्की का तू आटा खावे सै

तैने देख के छोरे ए नही छोरी भी पूछे सै
जवान दिक्खण का तू कोण सा फार्मूला अपनावे सै

देख गाम के विकास की चर्चा तो तेल लेवण गई
बूढ़े भी चौपाल में तेरा ए जिक्र उठावे सै

थोड़ा ढंग तै चाल्या कर सजधज के बालका की ताई
क्यूं बेचैन बरग्या की तू खाट खड़ी करवावे सै



Saturday, 8 December 2012

बंद कर दी सै तेरी फाइल तू ऐसी तैसी करवा



ल्यों हमनै बदल लिया स्टाइल तू ऐसी तैसी करवा
बंद कर दी सै तेरी फाइल तू ऐसी तैसी करवा

तैने हर वक्त ऑनलाइन कोए और ए दिक्खेगा
ले आया सिम्पल सा मोबाइल तू ऐसी तैसी करवा

किसे का भी बंधन नही इब रहूँगा मालिक मर्जी का
मैं दयूंगा हरेक नै स्माइल तू ऐसी तैसी करवा

अपना प्यार ढूंढण आई तो फिसल के पड ज्यागी
बिछवा दी सै दिल पै टाइल तू ऐसी तैसी करवा

शक्ल के साथ अक्ल भी बेचैन चकाचक करली सै
बेशक देख मेरा प्रोफाइल तू ऐसी तैसी करवा

Sunday, 28 October 2012

नही करणा मैने प्यार तू अपणी याता करा

नही करणा मैने प्यार तू अपणी याता करा
मैं क्यूं करू इंतजार तू अपणी याता करा

जद भी जी करे सै मुह नै फुलाके बैठ ज्या सै
करे ना फालतू तकरार तू अपणी याता करा

जरा जरा सी बात पै तेरी हवा लिकड ज्या सै
ओये पुन्झड के दिलदार तू अपणी याता करा

मैंने भी आवे सै गुस्सा मैं चिल्लाणा जाणु सूं
ना खावे इतणी खार तू अपणी याता करा

आदत अपणी बेचैन जीते जी ना बदलेगी
हम सा यारा के यार तू अपणी याता करा

Monday, 1 October 2012

छोड्गी क्यूं मैंने मेरी जान मझधार में



रोऊ सूं पड्या मैं एकला सोच विचार में
छोड्गी क्यूं मैंने मेरी जान मझधार में

के था कसूर मेरा बोल के नही गई
गाँठ नाराजगी की खोल के नही गई
हाय के करूं मेरा दम घुटता जा रह्या सै
मैं ए जाणु सूं सांस क्यूकर आ रह्या सै
कोन्या सै जीवण का इब मन संसार में ........
छोड्गी क्यूं मैंने .....................

नाम नये उसके रोज धरया करता
कदे लाडली कदे लाडो कह्य करता
हौसला बढ़े था वो जद मुस्कुरावे थी
रग रग में लहू बनके दौड़ लगावे थी
बेरा ना के होया सै चाणचक प्यार में
छोड्गी क्यूं मैंने .....................

बजगे सै बारा मेरी दोस्तों शक्ल में
ढूंढ़ रह्या सूं उसने दर्द की गजल में
इसा लागे सै वा जणू इब्बे आवेगी
सर मेरा ठाके गोद में धरावेगी
सांस चाल री सै इस्से एतबार में
छोड्गी क्यूं मैंने .....................

वक्त तेरा नाश जावे तैने खूब करी
गलतफहमी में भर दी मेरी चाँदपरी
सामण की ज्यूं बरसै सै आँख सवेर तै
मैं नही पाउँगा गर सुध लेई देर तै
आत्मा बेचैन सै उसके इंतजार में
छोड्गी क्यूं मैंने .....................



Wednesday, 4 July 2012

देख लिए मेरे घर के तू एक दिन चक्कर काटेगी



जा कौण सी बिन तेरे ,माहरी भैंस दूध नै नाटेगी
तू पीछा छोड़ देवेगी तो माँ मेरी प्रसाद बाटेंगी

मेरे बरगा शरीफ गाबरू तैंने कही भी ना मिलेगा
देख लिए मेरे घर के तू एक दिन चक्कर काटेगी

तैने नही उस घड़ी नै रोऊ सूं, जद इकरार होया
ना मालूम था छाती मेरी न्यू बीच में तै पाटेगी

बेबसी की धरती पे एक दिन पानी फूटके निकलेगा
बता कितने दिन तू आंसुआ नै निकलन तै डाटेगी

सबने बेचैन ना लगाइए इस रंग बदलती दुनिया में
जा मैं देखूँगा किसकी धडकन तेरे तलवे चाटेगी

Sunday, 20 May 2012

तेरे पै एक हाथ तै ताली बजाण दोष सै

मैं अकेला बता क्यूकर कसूरवार होया
ऐसी तैसी दोनों की हुई तो प्यार होया

तेरे ना यकीन आवे तो के ज्यान दे दूं
तेरी जुदाई में मेरे कितणा बुखार होया

वो नींदा में भी कुछ कुछ बड़बड़ावे सै
चालू अर झूठा जिसका दिलदार होया

मैंने तो सपने में भी हवालात दिखे सै
तेरा बाप जिस दिन तै थानेदार होया

ब्याह के बाद भी हाथ पैर चलाणे पड़ेंगे
कोर्ट मैरिज होगी तो ना सोच पार होया

कोए देख ना ले मैंने आंख्या में बस्या
शायद तू आजकल न्यू चश्मेदार होया

तेरे पै एक हाथ तै ताली बजाण दोष सै
जद ए बेचैन तू बेरुखी का शिकार होया

Saturday, 28 April 2012

जब म्हारी छोरी ऐ इसकी शक्ल देख कै राजी कोन्या तो म्हारा के साला लागे सै


एक बै एक बटेऊ ससुराड़ चला गया . उडे चौक में उसकी बहु का
दादा लोटा था खाट पै , उसकी बहु भी उडे काम करती हांडे थी /
उसके भीतर बड़ते ही उसकी बहु ने शरमा कै मुह डक लिया /
यो देख कै उसके दादा ने भी चादर तै आपना मुह डक लिया .
एक पड़ोसी देखे था छत पर तै यो माज़रा . वो पड़ोसी बोल्या --
ताऊ बेबे नै तै ठीक पल्ला करा सै , पर तने क्यों यो मुह डक लिया /
बुड्डा बोल्या -- अरे जब म्हारी छोरी ऐ इसकी शक्ल देख कै राजी
कोन्या तो म्हारा के साला लागे सै

जे थाम दोनुवा में तें किसे ने या पूछ ली के या मन्ने जाने है तो में थारे गोली मरवा दूँगा


क बार एक मुक्कदमे में ताई गवाह बना दी ! ताई जा के खड़ी होई अर् दोनू वकील भी ताई के गाम के ऐ थे !
वकील " ताई तू मन्ने जाने है ?
ताई" हाँ तू रामफूल का है ना तेरा बाबु घाना सूधा आदमी था पर तू कत्ति निक्कमा एक नम्बर का झूठा . झूठ बोल बोल के तू लोग ने ठगे है नरे झूठे गवाह बना के तू केस जीते है . तेरे तें तो सारे लोग परेशान हैं तेरी लुगाई भी परेशान हो के तन्ने छोड़ के चली गयी !
वकील चुप फेर पुछया " तू इसने जाने है ?
ताई बोली " हाँ यो सूबे का है इसके बाबु ने नरे रपिये खर्च करके यो पढाया अर् इसने कख नही सिखया सारी उमर चोरिया पचे हंडे गया इसका चक्कर तेरी बहु गेल भी था ! आज ताहि इसने एक भी मुक्कादमा नही जित्या है!
जनता हासन लग गयी जज बोल्या "आर्डर आर्डर "
अर् दोनू वकील बुलाये और कहन लगया " जे थाम दोनुवा में तें किसे ने या पूछ ली के या मन्ने जाने है तो में थारे गोली मरवा दूँगा

Monday, 23 April 2012

म्हारे घरां तो या कदे ओल्हा नहीं काद्या करै थी !

एक लड़की ने जब शादी के बाद ससुराल में घूघट निकाला तो उसके भाई से जीजा ने गीला किया कि तुम्हारी बहन तो बड़ी देसी है—घूंघट करती है. भोला भाई बोला—जीजा या तो बीमारी इसकै थारे घरां आ कै लगी सै, म्हारे घरां तो या कदे ओल्हा नहीं काद्या करै थी !