khas log

Monday, 27 June 2011

जद ऐ फेल होग्या

लड़का फेल होया तो बाप बोल्या....
बेटा तेरी हरकत ते मेरा दिल शर्मसार स
पड्डोसी की चोरी देख वा कितनी हुश्यार स
सुनके छोरे ने फरमाया बाऊजी
मैंने ख़ुद ते बहोत पढाया
पर पढ़ते पढ़ते मन में मेल होग्या
रोज पड़ोसी की छोरी देखू था जदऐ फेल होग्या

रस्सी आ फांसी खानी स.

मेरे इक दोस्त ने फरमाया ससुराल जाके यार मैं तो बहुत तंग आया
सारा खाली पेट रह्या कब खाना आवे रात दस बजे तक वेट रह्या
आख़िर देर रात साली ने रहम आया uसने आके फरमाया जीजा जी
थारे खातर कोए सेवा फ्र्माऊ के न्यू बताओ थारे खातरकुछ
खान् ने ल्याऊ के
इब खाना मांग के मैंने के बेजती करवानी स
मैंने भी कह दिया हाँ ले रस्सी आ फांसी खानी स.

धर्मात्मा

अपने धर्मात्मा होने की उसने या बात बताई
बोल्या मैंने कल रात एक भिखारी की जान बचाई
क्योकि मैं इक भिखारी ते बोल्या
तन्ने हजार का नोट दयूं तो के सुधर जावेगा
तो भिखारी बोल्या हजार का नोट आया बाद तो यो खुशी ते मर जावेगा
फेर उसने धर्मात्मा होण की निति अपनाई
अर भिखारी ते नोट न देके उसकी जान बचाई

हम मारां सा सीधे कौच

आस्ट्रेलिया की टीम बोली.....
खिलाड़ी हमने जीत खातर मैदान में उतारे स
देख लियो हमने लगते ऐ छक्के मारे स
सुंनके भारतीये टीम ने बांग लगाई
बोली...चोक तो हम भी मारां सां भाई
इब पाकिस्तानी टीम कई देर त रही थी सोच
वा उछल के बोली हम छके चोकके नही
हम मारां सा सीधे कौच

लागे स ड्राईवर मारया गया .

एक कबूतर कार ते टकरा गया
जख्मी होया तो ड्राइवर ने रहम आग्या
उसने घर ले आया 'अर उसका इलाज करवाया
जब वो होश में आया तो जोर ते चिल्लाया
.......हे ....भगवान ' मैं तो जेल में उतारा गया
लागे स ड्राईवर मारया गया .

सरदार जी ने अपना दिमाग लड़ाया

सरदार जी नंगे नहावे थे
उसका ससुर आया तो उसते देखते ही धमकाया
बोल्या....बेटा थोडी शर्म कर लिया कर
अर नहाते टेम कुछ पहर लिया कर
सरदार जी ने अपना दिमाग लड़ाया
अर भीतर जाके चपल पहर आया

जोर ते शंख ना बजाइए

दस्तां दवाई लेण के बाद इक पुजारी ने
परहेज पूछ्या तो डॉक्टर ने कुछ भी नही सुझ्या
पुजारी ते खाण पीण की सलाह देणके बाद बोल्या
शरीर बुढा हो लिया स इसने थोड़ा आराम दुवाइए
अर हो सके तो दो तीन दिन मन्दिर में ना जाइये
फेर भी अगर गलती ते जाना पडजा
तो तेरे लिए सबते बडा परहेज यो स
जोर ते शंख ना बजाइए

ल्यो भाईओ मेरी हरियाणवी मधुशाला से सोमवार के आप लोगो के लिए दो स्पेशल पैग,.....वैसे भी आज सारा दिन हल्की-हल्की बारिश रही है,, एन्जॉय करो,,,,,,,,,,,,



घी की ताकत छह मिह्न्या में, दारू की ताकत हाथों- हाथ
बस याहे सोच के दे री स, नई पीढ़ी बोतल का साथ
नौजवानों में मस्ती का गर दोस्तों संचार रहवेगा
सही कहू सु, देश वो तरक्की की और बहेगा

मेहँदी लगे हाथा त दुल्हन  गर पैग बनावे 
फेर अपने  होठा त छुके वा दारू दुल्हे न प्यावे
मस्ती बिखरे जीवन में आत्मा तक नशीली होज्या
न्यू रोज़ बोतल खोलन त जिंदगानी रंगीली होज्या

Sunday, 26 June 2011

नेता जी का हिसाब

सरपंच  ने ऍम एल ए त धमकाते  हुवे  कह्य , इब  क  तेरी  उम्मीदा  के कमल  ज्यादा  नहीं  खिलेंगे , और  तन्ने  म्हारे  गाँव  त  वोट  केवल  100 मिलेंगे , सुन  क  नेता  जी  का  दिमाग  चकराया  और  उसने  सरपंच  त  बताया , थारी  2000 की  जनसंख्या  अर वोट  मिलेंगे  100 जबकी म्हारे  गाँव  की  उरे  छोरी  ब्याह  राखी  200, वे  छोरी  अर  उनके  घरवाले  मेरा  कुछ  तो  ख्याल  करेंगे , मेरे  हिसाब  त  मेरे  1000 त  उप्पर  वोट  पड़ेंगे ,सुन  क  सरपंच  मुस्कुराया  अर  नेता  जी  त  समझाया , बोले  नेता  जी  वोट  की  गिनती  न  लेके  क्यू  दिमाग  खराब  कर रे  सो , थारे  गाँव  की  छोरी  और  उनके  घरवाले  तो  बी  वोट  पड़े 400, अब  नेता  जी  मंद  मंद  मुस्कुराये  अर  सरपंच  त  अपने  आंकड़े  बताये , बोले .......महरे  गाँव  की  छोरी  घाट  घाट  का  पानी  चाखे स , वे  इतनी  बेवकूफ  नहीं  स , जित  बी  रहवे  स  पांच पांच  यार  राखे  स

ल्यो भाई ओ संडे के लिए मेरी हरियाणवी मधुशाला से आपके लिए आज के दो पैग



आधी पीज्या हवा दारू, आधी मेरे थ्यावे स
सोचो एक पव्वे में आखिर कितनी आवे स
गरीब आदमी का पीना भी, के पीना स भाईओ
दो चार बोतल देके मैंने थोडा पुन्य कमाइओ

पैग त पैग भिड़ते टेम एक मीठी सी आवाज़ लिकड़े
नया नया पीवन आल्या उस आवाज़ के साथ बिगड़े
फेर अनपढ़ भी ज्ञान की खूब बात करण लागे
दारू पीवन बाद मानस संसारिक नींद त जागे