आप सभी का मेरी blogs पर स्वागत है,, प्लीज़ अपनी नजरे इनायत करके जरुर बताएं की मैं दिल की बात कहने में कहाँ तक सफल हुआ हूँ..| http://bechainkigazleblogspotcom.blogspot.com/2011/09/blog-post_17.html http://bechainkesher.blogspot.com/ http://vmbechain.blogspot.com/?zx=40fa6e9f43ea7230 http://bechainartical.blogspot.com/http://www.youtube.com/my_videos?ls=public
khas log
Tuesday, 12 August 2014
Friday, 9 May 2014
हालात अर बेरुखी दोनुआ की कमान सम्भाल रह्या सूं
मैं शिखर दोहपरी में बालू रेत पै नंगे पैर चाल रह्या सूं
इस तै ज्यादा कुछ नही कहूँगा नकली शुभचिंतका नै
दे देके आश्वासन मैं मन की भुंडी सोच टाल रहया सूं
सै तो नई सदी मैं कछुआ फेर भी मेहनत के दम पै
घमंडी खरगोशा तै जीतण का बस बहम पाल रह्या सूं
पक्का छेद कदे तो होवेगा एक नै एक दिन आसमा में
तबियत अर जोर लगाके मैं रोज पत्थर उछाल रह्या सूं
मेरी तकलीफ अर मन की बात यहाँ के समझेगा कोए
एक उम्मीद का पाणी रिसते घड़े में बेचैन घाल रह्या सूं
मैं शिखर दोहपरी में बालू रेत पै नंगे पैर चाल रह्या सूं
इस तै ज्यादा कुछ नही कहूँगा नकली शुभचिंतका नै
दे देके आश्वासन मैं मन की भुंडी सोच टाल रहया सूं
सै तो नई सदी मैं कछुआ फेर भी मेहनत के दम पै
घमंडी खरगोशा तै जीतण का बस बहम पाल रह्या सूं
पक्का छेद कदे तो होवेगा एक नै एक दिन आसमा में
तबियत अर जोर लगाके मैं रोज पत्थर उछाल रह्या सूं
मेरी तकलीफ अर मन की बात यहाँ के समझेगा कोए
एक उम्मीद का पाणी रिसते घड़े में बेचैन घाल रह्या सूं
Friday, 2 May 2014
तस्वीर गैल बतलावण में स्वाद तो आवे सै
टाइम अकेले बितावण में स्वाद तो आवे सै
बेशक किसे की याद में खामोश बैठणा पड़ो
पर एक घंटे में नहावण में स्वाद तो आवे सै
आटे में नमक जीतणा हो तो जिंदगानी भर
नाज़ किसे के उठावण में स्वाद तो आवे सै
ईमानदारी की ऐसी तैसी जो ढंग तै कर देवे
उस बेईमान तै चाहवण में स्वाद तो आवे सै
और कुछ तो बेरा नही पर महबूब की बेचैन
डांट अर कसम खावण में स्वाद तो आवे सै
टाइम अकेले बितावण में स्वाद तो आवे सै
बेशक किसे की याद में खामोश बैठणा पड़ो
पर एक घंटे में नहावण में स्वाद तो आवे सै
आटे में नमक जीतणा हो तो जिंदगानी भर
नाज़ किसे के उठावण में स्वाद तो आवे सै
ईमानदारी की ऐसी तैसी जो ढंग तै कर देवे
उस बेईमान तै चाहवण में स्वाद तो आवे सै
और कुछ तो बेरा नही पर महबूब की बेचैन
डांट अर कसम खावण में स्वाद तो आवे सै
Thursday, 20 June 2013
वो देके हलक में डंडा मेरा हाल पूछे सै
वो देके हलक में डंडा मेरा हाल पूछे सै
के पूंझड जवाब दूं रोज एक ए सवाल पूछे सै
बता मैं सुथरा लागूं सूं अक चाँद सुथरा सै
वो बिखेर के फेस पै जुल्फा का जाल पूछे सै
माँ का दूध पीया सै तो बाहर लिकड के दिखा
जी तै रोज उसकी यादां का जंजाल पूछे सै
मैं शीशा देक्खण लागूं सूं जद भी गलती तै
कौण सै शक्ल की काली पडती खाल पूछे सै
मेरे तै कंधे पै लादण का किसा मज़ा आया
रोज दांत काढ के बिक्रम तै बेताल पूछे सै
सारे दिन लाग्या रहवे सै आंच सुलगाण में
गळगी सै कितणी अक लोगबाग़ दाल पूछे सै
मन बेचैन और करूं अक इतणा ए बहोत सै
डेली भीतरले में उठता भूचाल पूछे सै
के पूंझड जवाब दूं रोज एक ए सवाल पूछे सै
बता मैं सुथरा लागूं सूं अक चाँद सुथरा सै
वो बिखेर के फेस पै जुल्फा का जाल पूछे सै
माँ का दूध पीया सै तो बाहर लिकड के दिखा
जी तै रोज उसकी यादां का जंजाल पूछे सै
मैं शीशा देक्खण लागूं सूं जद भी गलती तै
कौण सै शक्ल की काली पडती खाल पूछे सै
मेरे तै कंधे पै लादण का किसा मज़ा आया
रोज दांत काढ के बिक्रम तै बेताल पूछे सै
सारे दिन लाग्या रहवे सै आंच सुलगाण में
गळगी सै कितणी अक लोगबाग़ दाल पूछे सै
मन बेचैन और करूं अक इतणा ए बहोत सै
डेली भीतरले में उठता भूचाल पूछे सै
Friday, 14 June 2013
आदमी की सबसे बड़ी हिम्मत उसकी लुगाई हो सै
छोटी छोटी बात पै बेशक कितनी ए लड़ाई हो सै
आदमी की सबसे बड़ी हिम्मत उसकी लुगाई हो सै
पत्थर की भी छाती चीर दे सच में तारे तोड़ ल्यावे
अगर मेहनतकश की सच्ची हौसला अफजाई हो सै
किसे की हाय लागै प्यार में तो सदा याद राखियो
नजर उतारण की खातिर बस नूण और राई हो सै
उस हरामी धन का के कमीनेपण तै कोए जोड़ ले
असली दौलत तो अपणे दस नूआं की कमाई हो सै
रिश्तेदारी हो या महोब्बत पल्ले गांठ मार लियो
सच्चाई की झूठ बोलण तै ना कदे भरपाई हो सै
अपनापण दिखावे तो बेटे तै भी बढके दिखा दे
कमीनेपण पै आवे तो खतरनाक जमाई हो सै
जब तक जिन्दा रहवैगी माँ बाप नै भूलती कोन्या
बेचैन झूठ कहवे सै लोग बेटी तो पराई हो सै
आदमी की सबसे बड़ी हिम्मत उसकी लुगाई हो सै
पत्थर की भी छाती चीर दे सच में तारे तोड़ ल्यावे
अगर मेहनतकश की सच्ची हौसला अफजाई हो सै
किसे की हाय लागै प्यार में तो सदा याद राखियो
नजर उतारण की खातिर बस नूण और राई हो सै
उस हरामी धन का के कमीनेपण तै कोए जोड़ ले
असली दौलत तो अपणे दस नूआं की कमाई हो सै
रिश्तेदारी हो या महोब्बत पल्ले गांठ मार लियो
सच्चाई की झूठ बोलण तै ना कदे भरपाई हो सै
अपनापण दिखावे तो बेटे तै भी बढके दिखा दे
कमीनेपण पै आवे तो खतरनाक जमाई हो सै
जब तक जिन्दा रहवैगी माँ बाप नै भूलती कोन्या
बेचैन झूठ कहवे सै लोग बेटी तो पराई हो सै
Wednesday, 20 February 2013
तैने दर्द किते दिखे सै तो मलहम बणके लाग
मैं जज्बाता के दलदल में धंसता जा रह्या सूं
कहणा तो बहुत कुछ सै पर कह नही पा रह्या सूं
तू दिल पै अपणे हाथ धर के खुद तै जवाब दे
मैं जिकरा बार-बार किन बातां का ठा रह्या सूं
कोए और स्यामी होता तो कर लेता फैंसला
मुद्दत तै मैं तो अपणे आप तै टकरा रह्या सूं
तैने दर्द किते दिखे सै तो मलहम बणके लाग
ना तो फेर महफ़िल में मैं खूब मुस्कुरा रह्या सूं
ध्यान तै फूंक मारिये मेरे जख्मा पै बेचैन
मैं पह्ल्या ए दही के भ्रम में कपास खा रह्या सूं
Friday, 18 January 2013
Wednesday, 16 January 2013
एक टुकड़ी आशिको की भेजो पकिस्तान में
नफरत का जवाब दयो प्यार की जुबान में
एक टुकड़ी आशिको की भेजो पकिस्तान में
ग्रह युद्ध छिडवा दयो कुछ न समझ सके कोई
थम ऐसी फूंक मारो उनकी बेगमा के कान में
थोड़ी राजनीती की ऐसी तैसी होरी सै वरना
कोए फर्क नही सै भाइयों हिन्दू मुसलमान में
पाप करणीये नै मारना पाप नही कहलावे सै
साफ़-साफ़ लिख्या सै गीता अर कुरआन में
मामला दिल का हो या देश का हमेशा तै बेचैन
ऊपर पड्या थुक्या जिसने मुह करके आसमान में
एक टुकड़ी आशिको की भेजो पकिस्तान में
ग्रह युद्ध छिडवा दयो कुछ न समझ सके कोई
थम ऐसी फूंक मारो उनकी बेगमा के कान में
थोड़ी राजनीती की ऐसी तैसी होरी सै वरना
कोए फर्क नही सै भाइयों हिन्दू मुसलमान में
पाप करणीये नै मारना पाप नही कहलावे सै
साफ़-साफ़ लिख्या सै गीता अर कुरआन में
मामला दिल का हो या देश का हमेशा तै बेचैन
ऊपर पड्या थुक्या जिसने मुह करके आसमान में
Subscribe to:
Posts (Atom)




