khas log

Monday, 27 June 2011

मैं जद भी गया रेस्टोरेंट

मैं जद भी गया रेस्टोरेंट बिल उसने दिया
ऑटो का आया जो भी रेंट बिल उसने दिया
वा सैन्डल लेवण गई तो मुझे बूट दुवा ल्याई
खरीदी मैंने जो भी पैंट बिल उसने दिया
कपडे प्रेस करान की भी दुकान बता राखी थी
छः महीन्या तक परमानेंट बिल उसने दिया
जो भी चीज़ पसंद आई यारां न गिफ्ट सेंटर म्ह
पंजी तक का सैंट परसेंट बिल उसने दिया
बेचैन बरगा प्यार भगवान दुश्मन न भी दे
कपड्या प छिडक्या जो भी सैंट बिल उसने दिया

तू राजनीती में आया तो उलटी कहानी बनेगी

बिगड़े राजनैतिक हालात देख क भगवान श्री कृष्ण ने सोचा
क्यों न भारत की हालत सुधार दू
विचार तो बड़ा नेक था
,,,,,,और इबके चुनवा में खुद को मैदान में उतर दू . लाखा में एक था,अब चारो तरफ या चर्चा छिड्गी, इबके भगवान चुनवा में उतरेगा,
इस मुद्दे पर राजनैतिक पार्टिया आपस में भिड्गी
खैर
जिसमे राजनैतिक पार्टिया का यो ए कह्न्ना था
इब बेशक तेरे नाम की लोग धुप लगाते हो
पर तू राजनीती में आया तो उलटी कहानी बनेगी
और तू तो खाली मक्खन ए खा सके स
किरसन तू कितने ही कपड़े पहर के आ जाईये
.... भगवन द्वारा नामांकन भरया गया, पूरे देश का सर्वे करया गया, अरे भगवान तैंने तो स्वर्ग में ही रहन्ना था , कृष्णा कृष्णा कहके तेरा जागरण करवाते हो , बात बात पे कसम झूठी खानी पड़ेगी, राजनीती की दही क्यूकर पचा सके स, नेता तैने नंग्या की कतार में खड्या कर देंगे जब साबित होवेंगे तब होवेंगे फ़िलहाल इल्ज़ाम का टोकरा सर पे धर देंगे,सुनके भगवान थोडा घबराया, फेर बी वो देश में इलेक्शन लड़न आया...इब दोस्तों ......राजनीती का गंदा खेल सरू हो लिया था, अर विरोधी पार्टिया न भगवान का कच्चा चिठा टोह लिया था, इब एक दल ने पर्चे छपवाए और रेलिया में बांग लगाई, रे यो भगवान कोन्या, इसकी तो जात यादव स भाई,
अर यादवा की संख्या स्टेट में बहुत कम स
अर वैसे भी यादवा का सबते बड़ा लीडर माहरी ओर स
नज़र घुमा के देखो भगवान का किते नहीं शोर स
अर कोए इसते पूछ्निया हो इसने अपने टेम में स्टेट खातर के करया था खास
बांसुरी तो बजाई जाके व्रन्दावन में अर हरयाने में आके बजाया बांस
अर उस बांस की वजह त खड्या नाश होया था
जिसमे पञ्च भाइया न पूरा कुनबा खोया था
इब सुनके भगवान थोड़े सकपकाए
पर आगे दूसरी पार्टी न मोर्चा खोल राख्या था
अर किरसन क खिलाफ हल्ला बोल राख्या था
विरोधी दल के नेता न मुस्कुराते हुवे जनता त बताया
वो जो इलेक्शन लड़न आरया स
वो न तो भगवान न खीर वो तो दलिया स
अर दलिए त पेट कोन्या भरया करे
यो तो सिर्फ बिमारा का इलाज़ करया करे
अर वैसे भी थम सारे जानो सो उसकी दस्तान
उसकी रासलीलाओ की कहानी बच्चा बच्चा जाने स
अर आज वो मजनू इलेक्शन में खड़ा होण की ठाने स
उसके जो घरवाली स वा भी भगा के ल्याई होई स
कोए पूछ्निया हो के रुकमनी ब्याह के ल्याई होई स
ऐसे आदमी क गर सता हाथ लाग जावेगी
तो माहरी बहु बेटी कितनी सुर्कसछित रह पावेगी
न्यू ए दूसरी पार्टी आल्या न भी बिगुल बजाया
अर भगवान श्री क्रिसन त आइना दिखाया
तू बेशक भगवान हो राजनीती में आया तो आदमी भी नहीं रहन दयांगे
पोलटिक्स की नाली में साफ सुथरे कीड़े नहीं बहण दयांगे
लगा लगा इल्जाम हल्ला बोल दयांगे
, भगवान चुनाव जीतेगा समर्थका क कोरा भ्रम स, फेर दुसरे ही पल मंद मंद मुस्कुराये अर आगे चल दिए, बहुत बड़ा छलिया स , जद यो होया करता जवान, आदमी का करेक्टर प्याज़ सा छोल दयांगे
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लगा लगा इल्जाम हल्ला बोल दयांगे ,आदमी का करेक्टर प्याज़ सा छोल दयांगे ........ आदमी का करेक्टर प्याज़ सा छोल दयांगे ........ आदमी का करेक्टर प्याज़ सा छोल दयांगे ........ आदमी का करेक्टर प्याज़ सा छोल दयांगे ........ आदमी का करेक्टर प्याज़ सा छोल दयांगे ....... आदमी का करेक्टर प्याज़ सा छोल दयांगे ......... आदमी का करेक्टर प्याज़ सा छोल दयांगे

मेरी हरियाणवी मधुशाला से आपके लिए दो पैग आज के लिए...............


गुड बरगे मीठे मन त रोज़ बनाऊ मैं दारू
फेर साँझ सवेरे धुप जला पटियाला से पैग मारू
उठा हाथ में पूरी बोतल, एक ही घूट में पी जाऊ
सों साल की उम्र दोस्तों एक ही रात में जी जाऊ

बेगाने शहर में ठेका, ढूँढना बड़ी बात नहीं
दारू की खुशबू न रोके, किसे की ओकात नहीं
किसे भी चोराहे की एक राह पर देख चाल क
थमने लोग झूमते पावेंगे, दारू गिलासा में घाल क

ल्यो भाईओ मेरी हरियाणवी मधुशाला से आप लोगो के आज के दो पैग

 
गम के घुट पी पी के सारा स्वाद बिगड़ लिया इब रोको मत ना मैं दारू पीवन लिकड लिया मुश्किल हिम्मत करके साहस जुटाया भाईओ
...
बुझा देवे प्यास दिल की कोए जा ठेके समझाइओ
बस दारू दारू रटता चल , कदे फसेगा ना मझधार दो घुट गले उतरया बाद हो जावेगा बेडा पार सब रोगा की एक दवाई ठेके भीतर रहवे तेरे पाप धो देवेगी बोतल जिसमे गंगा बहवे

किस लिए

छोरा लेट घर आया तो माँ ने धमकाया
क्यू खानदान की इज्ज़त उद्दा रहा स
सच बता कहाँ ते आ रहा स
सुन के छोरे न फरमाया
गर्ल फ्रेंड ते मिल के आया
माँ न पूछा किस लिए
छोरा बोल्या
हाँ घणे ऐ लिए ।

इस आदमी न के के चाख राख्या स

खराब खाना देख के घरवाला चिल्लाया
तन्ने यो गोबर जैसा लंच क्यू बनाया
सुन के पत्नी बोली
हे भगवान इतना गुस्सा वाला पति मन्नेऐ रख राख्या स
मेरे समझ में नही आ रही
इस आदमी न के के चाख राख्या स

तू बाथरूम की कुण्डी जरुर लगाइए

मलिका शेह्र्वत ने बाबा रामदेव त् पुछा
महाराज मैं योग मैं कितना टेम बिताऊ
अर न्यू बताओ नहाते टेम के लगाऊ
सुन के बाबा मुस्कुराया अर बोल्या
हे खुबसुरत छाया
योग मैं तेरा जी करें उतना टेम बिताइए
अर रही बात नहाते टेम लगाण की
तो नहाते बेटा तू बाथरूम की कुण्डी जरुर लगाइए

शादीशुदा ओरता मैं बचपन त ऐ दीवाना सु.

प्रेमिका ने प्रेमी ते पूछा
मेरे लिए न्यू कबतक आहे भरोगे
सच बताओ क शादी के बाद भी न्यू ऐ प्यार करोगे
सुनके प्रेमी न फरमाया नखरे तेरे सरे उठाऊंगा
जिंदगी भर तन्ने न्यू ऐ चाहूँगा
क्यू के मैं तेरी महोबत का फसाना सु
आर रही बात शादी के बाद की
तो शादीशुदा ओरता ka मैं बचपन त ऐ दीवाना सु.

मोटा आदमी

मोटा आदमी जद भी मुँह खोलेगा
देख लियो सच बोलेगा
क्यू के वो चालक होवे स '
सचाई त्याग नही सकता
आर कडवे बोल बोलके किसे न ओरा की ज्यूँ भाग नही सकता .

मेरा गिफ्ट दे

विदेश जाती पत्नी ने पति ते पुछा
अमेरिका में मैं कितने दिन लगाऊ
अर न्यू बताओ विदेश ते तुम्हारे लिए के ल्याऊ
सुनके पति मुस्कुराते हुए बोल्या
मेरी जाने तमन्ना जाने जिगर चिंगारी कोई भड़की लाना
और मेरे लिए विदेश ते कोई लडकी लाना
अब पत्नी चली गई अर वापिस आई तो पति बोल्या
ल्या मेरा गिफ्ट दे ' जिसको पाके मेरी उमीदो का फूल खिलेगा
इब पत्नी ने फरमाया ' तन्ने गिफ्ट में लड़की मांगी थी थोड़ा इंतजार कर
यो गिफ्ट तन्ने नो महीने बाद मिलेगा.